कोरियन स्किनकेयर में चावल और फ़र्मेंटेशन

अगर आपने कभी किसी कोरियन स्किनकेयर प्रोडक्ट का लेबल पढ़ा है, तो शायद उसमें चावल से बनी या फ़र्मेंटेड सामग्री देखी हो। कोरियन खाने में भी चावल और फ़र्मेंटेशन जाने-पहचाने हैं। इस लेख में हम देखेंगे कि कोरिया और भारत की ज़िंदगी में चावल और फ़र्मेंटेशन की क्या जगह है, आज स्किनकेयर की इंग्रीडिएंट लिस्ट में ये कैसे लिखे जाते हैं, और HANARI को इनसे क्या प्रेरणा मिली।
कोरिया और भारत, दोनों की थाली में चावल
कोरिया में चावल खाने का केंद्र है। कोरियन शब्द बाप (bap) का मतलब पका हुआ चावल भी है और खाना भी। "बाप मोगोस्सो?" का शब्दशः मतलब है "चावल खाया?", और बोलचाल में "खाना खाया?"। यह सवाल हालचाल जानने के लिए भी पूछा जाता है। भारत में भी चावल उतना ही आम है। दाल-चावल, दही चावल, बिरयानी, पोंगल, खीर, ये बस कुछ उदाहरण हैं। चावल के व्यंजन इलाके और मौके के हिसाब से बदलते हैं।

चावल के साथ कुछ और चीज़ें भी निकलती हैं। ब्राउन राइस को सफ़ेद चावल बनाने के लिए पॉलिश करते समय जो परत निकलती है, वह चावल का चोकर (राइस ब्रैन) है। यह धान के बाहरी छिलके से अलग है। पकाने से पहले चावल धोएँ तो पानी धुंधला हो जाता है। कोरिया के बहुत से घरों में इस पानी, स्सल-त्तुमुल, को फेंका नहीं जाता, बल्कि इससे दोएनजांग सूप बनाया जाता है। चावल दोनों देशों में कोई अनजान, बाहर से आई चीज़ नहीं है। यह रसोई का जाना-पहचाना अनाज है, और HANARI की शुरुआत यहीं से हुई।
कोरियन खाने में फ़र्मेंटेशन
कोरियन खाने में कई फ़र्मेंटेड चीज़ें इस्तेमाल होती हैं। किमची, दोएनजांग (सोयाबीन पेस्ट), गोचुजांग (मिर्च का पेस्ट), गानजांग (सोया सॉस) और जोतगाल (नमक में रखा सी-फ़ूड), सब फ़र्मेंटेड हैं। पतझड़ के आख़िरी दिनों में परिवार और पड़ोसी मिलकर सर्दियों की किमची बनाते हैं। इस परंपरा, किमजांग, को 2013 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया। चावल और फ़र्मेंटेशन का मेल मक्गोली में भी दिखता है, जो चावल में नुरुक (एक पारंपरिक फ़र्मेंटेशन स्टार्टर) मिलाकर बनाया जाने वाला पेय है।

भारत में भी चावल को फ़र्मेंट करने की परंपरा है। इडली और डोसा बनाने के आम तरीक़ों में चावल और उड़द दाल पीसकर बने घोल को फ़र्मेंट होने दिया जाता है। कई इलाकों में पके चावल को पानी में भिगोकर रखने और बाद में खाने का चलन भी है, जैसे ओडिशा का बासी पखाल (basi pakhala), बंगाल का पांता भात और तमिलनाडु का पझैया सादम। कटोरे में रखे-रखे चावल का धीरे-धीरे बदलना भारत के लिए कोई नई बात नहीं है।

इंग्रीडिएंट लिस्ट में चावल और फ़र्मेंटेड सामग्री
कोरियन स्किनकेयर के कुछ प्रोडक्ट में राइस ब्रैन एक्सट्रैक्ट या राइस ब्रैन वॉटर जैसी चावल से बनी सामग्री होती है, और कुछ में फ़र्मेंटेड सामग्री।
कॉस्मेटिक्स में फ़र्मेंटेड सामग्री आमतौर पर यीस्ट या लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया जैसे सूक्ष्मजीवों को चावल जैसी किसी सामग्री पर पनपने देकर बनाई जाती है। इसके बाद उसे छाना भी जा सकता है। सामग्री के अंतरराष्ट्रीय नाम (INCI) में "Ferment" शब्द फ़र्मेंटेशन को दर्शाता है। "Filtrate" का मतलब बस छाना हुआ हिस्सा है, इसलिए सिर्फ़ "Filtrate" लिखा होने से फ़र्मेंटेशन की पुष्टि नहीं होती।
एक बात याद रखने लायक है। किसी सामग्री का नाम बस यह बताता है कि प्रोडक्ट में क्या है। सिर्फ़ नाम से यह पता नहीं चलता कि प्रोडक्ट लगाने में कैसा लगेगा या क्या करेगा। यह जाँच से ही पता चल सकता है।
HANARI को चावल और फ़र्मेंटेशन से मिली प्रेरणा

जब मैंने HANARI के बारे में सोचना शुरू किया, तो चावल सबसे पहले ध्यान में आया, क्योंकि यह कोरिया और भारत दोनों में जाना-पहचाना है। कोरियन खाने में फ़र्मेंटेशन की परंपरा से भी मुझे प्रेरणा मिली।
फ़ाइनल फ़ॉर्मूले में राइस ब्रैन वॉटर, चावल से बनी सामग्री और फ़र्मेंटेड सामग्री शामिल हैं। तीनों डेली प्रोडक्ट, Clean Start Gel Cleanser, Even Days Serum और Air-Fit Gel Cream, में यह सामग्री शामिल है, और पूरी INCI सूची बाद में इसी साइट पर प्रकाशित की जाएगी। तीनों प्रोडक्ट को दिसंबर 2026 में एक साथ लॉन्च करने की योजना है। अभी इनमें से कोई भी बिक्री पर नहीं है, और जब तक असर की पुष्टि नहीं हो जाती, हम असर से जुड़े दावे नहीं करेंगे।
राइस फ़र्मेंट से जुड़े आम सवालों के जवाब हमारे FAQ में हैं। ब्रांड की शुरुआत की कहानी HANARI की शुरुआत पेज पर पढ़ें।