नया स्किनकेयर शुरू करने से पहले: छोटी जगह पर टेस्ट करें

कभी न कभी हम ऐसा स्किनकेयर प्रोडक्ट घर लाते हैं जिसे पहले कभी इस्तेमाल नहीं किया। यह आपका पहला कोरियन प्रोडक्ट हो सकता है, या किसी दोस्त का सुझाया सीरम। मन करता है कि सीधे पूरे चेहरे पर लगा लें, लेकिन पहले इसे एक छोटी जगह पर आज़माया जा सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ डर्मेटोलॉजी (AAD) बताती है कि त्वचा रोग विशेषज्ञ किसी नए प्रोडक्ट को रूटीन में जोड़ने से पहले उसे इसी तरह टेस्ट करने की सलाह देते हैं।
AAD के अनुसार, अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रखकर प्रोडक्ट चुनने पर भी ऐसा प्रोडक्ट मिल सकता है जिससे त्वचा में जलन हो। प्रिज़र्वेटिव जैसी कोई एक सामग्री एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस पैदा कर सकती है, जिसमें त्वचा लाल हो सकती है, खुजली हो सकती है और सूजन आ सकती है। पहले छोटी जगह पर टेस्ट करने से यह अंदाज़ा लगाने में मदद मिलती है कि ऐसा रिएक्शन होगा या नहीं। यह नोट AAD की सलाह को आम जानकारी के रूप में बताता है, यह डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं है।
कहाँ लगाएँ और कितनी मात्रा में

AAD का बताया तरीक़ा यह है। टेस्ट वाली जगह पर दिन में दो बार, सात से 10 दिन तक प्रोडक्ट लगाएँ। ऐसी जगह चुनें जहाँ प्रोडक्ट रगड़कर या धुलकर न हटे, जैसे बाँह का अंदरूनी हिस्सा या कोहनी के मोड़ की अंदर वाली जगह। जगह लगभग एक सिक्के जितनी हो। AAD इसे अमेरिका के 25 सेंट के सिक्के (क्वार्टर) जितना बताती है।
उतनी ही मात्रा और उतनी ही मोटी परत लगाएँ जितनी आप आम तौर पर लगाते हैं, और उसे उतनी ही देर रहने दें। गर्म और पसीने वाले दिनों में बाँह बार-बार पोंछी जाती है और आस्तीन से रगड़ खाती है, इसलिए ऐसी जगह चुनें जहाँ ऐसा कम होता हो।
क्लेंज़र जैसे धोकर हटाए जाने वाले प्रोडक्ट

क्लेंज़र जैसे प्रोडक्ट, जिन्हें आम तौर पर धो दिया जाता है, टेस्ट वाली जगह पर पाँच मिनट या इस्तेमाल के निर्देशों में लिखे समय तक रहने दें, फिर धो दें। बाकी तरीक़ा वही है: दिन में दो बार, सात से 10 दिन तक।
अगर त्वचा पर रिएक्शन हो
अगर सात से 10 दिन बाद भी त्वचा लाल नहीं होती, खुजली नहीं होती और सूजन नहीं आती, तो AAD के अनुसार आप वह प्रोडक्ट इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर रिएक्शन हो, तो जितनी जल्दी हो सके प्रोडक्ट को हल्के हाथ से धो दें और उसे दोबारा इस्तेमाल न करें। ज़रूरत हो तो ठंडी सिकाई करें या पेट्रोलियम जेली लगाएँ।
अगर रिएक्शन गंभीर हो या ठंडी सिकाई और पेट्रोलियम जेली से आराम न मिले, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाने की ज़रूरत पड़ सकती है। अगर यह पता लगाना मुश्किल हो कि कौन-सी सामग्री रिएक्शन की वजह है, तब भी AAD त्वचा रोग विशेषज्ञ से बात करने की सलाह देती है। वजह जानने के लिए पैच टेस्टिंग नाम की मेडिकल जाँच करानी पड़ सकती है। वजह पता चलने पर उस सामग्री से बचें। अगर ख़ुशबू वजह हो, तो AAD "fragrance free" लेबल वाले प्रोडक्ट चुनने की सलाह देती है, और कहती है कि "unscented" लेबल वाले या पौधों से बनी सामग्री वाले प्रोडक्ट में भी ख़ुशबू से जुड़ी सामग्री हो सकती है, इसलिए उनसे सावधान रहें।
टेस्ट के बाद याद रखें

AAD भी इस टेस्ट को ऐसा तरीक़ा बताती है जो रिएक्शन का अंदाज़ा लगाने में मदद करता है। बाँह पर रिएक्शन न होने का मतलब यह गारंटी नहीं है कि प्रोडक्ट आपकी त्वचा के लिए ठीक है। चेहरे पर इस्तेमाल शुरू करने के बाद भी हर प्रोडक्ट के निर्देश और चेतावनियाँ मानें, और अगर कोई परेशान करने वाला रिएक्शन हो, तो इस्तेमाल बंद करें और डॉक्टर से बात करें।
एक बार में एक ही नया प्रोडक्ट शुरू करें तो समझना आसान रहता है। एक ही दिन कई प्रोडक्ट बदलने पर रिएक्शन हो, तो यह बताना मुश्किल होता है कि किस प्रोडक्ट से हुआ। कब कौन-सा नया प्रोडक्ट शुरू किया, बस तारीख़ और प्रोडक्ट का नाम लिख लें। बाद में डॉक्टर को दिखाना पड़े तो बताना आसान होगा।
अगर आप पहली बार HANARI आज़माएँ
HANARI दिसंबर 2026 में भारत में तीन प्रोडक्ट एक साथ लॉन्च करने की योजना बना रहा है: Clean Start Gel Cleanser, Even Days Serum और Air-Fit Gel Cream। अभी इनमें से कोई भी प्रोडक्ट बिक्री पर नहीं है। लॉन्च के बाद आप इन्हें पहली बार आज़माएँ, तो यही तरीक़ा अपनाएँ। क्लेंज़र को धोकर हटाए जाने वाले प्रोडक्ट की तरह टेस्ट करें, और सीरम व जेल क्रीम को त्वचा पर छोड़े जाने वाले प्रोडक्ट की तरह। पूरी INCI सूची हम बाद में इसी साइट पर प्रकाशित करेंगे, ताकि इस्तेमाल से पहले आप सामग्री देख सकें।