सनस्क्रीन कैसे लगाएँ: क्रीम, स्टिक और स्प्रे

सनस्क्रीन सिर्फ़ क्रीम और लोशन में नहीं आता। स्टिक और स्प्रे भी होते हैं, और हर एक को लगाने का तरीक़ा थोड़ा अलग है। स्टिक कितनी बार फेरें, या स्प्रे सीधे चेहरे पर कर सकते हैं या नहीं, ऐसे सवाल आम हैं। इस लेख में अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ डर्मेटोलॉजी (AAD) की आम लोगों के लिए दी गई सलाह के आधार पर हर तरह का सनस्क्रीन लगाने और दोबारा लगाने का तरीक़ा बताया गया है।
गर्म, उमस भरे या मानसून की बारिश वाले दिनों में पसीने की वजह से दोबारा लगाने की चिंता ज़्यादा रहती है। यह सामान्य जानकारी है। कितना लगाना है और कब दोबारा लगाना है, इसके लिए पहले अपने प्रोडक्ट के लेबल पर लिखे निर्देश देखें। लगाने के बाद त्वचा पर कोई प्रतिक्रिया हो तो इस्तेमाल बंद करें और त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
क्रीम और लोशन: हर तरह के सनस्क्रीन की बुनियादी बातें

AAD कहती है कि सनस्क्रीन बाहर निकलने से पहले लगाएँ। उसके सनस्क्रीन FAQ में लिखा है कि बाहर जाने से 15 मिनट पहले सूखी त्वचा पर लगाएँ। मात्रा अंदाज़े से ज़्यादा होती है। AAD के मुताबिक़ चेहरे के लिए कम से कम 1 टीस्पून चाहिए, यानी लगभग तर्जनी और बीच वाली उँगली की लंबाई जितना। कपड़ों से न ढकी पूरी त्वचा के लिए वयस्कों को कम से कम लगभग 1 औंस चाहिए, यानी करीब एक शॉट ग्लास भरने जितना।
फिर इसे त्वचा पर अच्छी तरह मलकर लगाएँ। AAD याद दिलाती है कि गर्दन, कान और पैरों के ऊपरी हिस्से को न भूलें। कौन-सा टाइप लेना है, यह AAD के अनुसार अपनी पसंद की बात है। टाइप कोई भी हो, AAD की सलाह एक ही है: ब्रॉड-स्पेक्ट्रम (UVA और UVB) सुरक्षा, SPF 30 या उससे ज़्यादा, और वॉटर-रेज़िस्टेंट।
स्टिक: हर जगह पर चार बार आगे-पीछे
AAD के मुताबिक़ स्टिक आँखों के नीचे और हाथों के पिछले हिस्से पर लगाने में आसान है। इसे लगाने का तरीक़ा साफ़ बताया गया है। जिस भी हिस्से पर लगाना है, वहाँ स्टिक को चार बार आगे-पीछे फेरें, फिर हाथ से मलकर बराबर परत बना लें। AAD बताती है कि चार बार फेरने से यह पक्का करने में मदद मिलती है कि आप काफ़ी मात्रा लगा रहे हैं।
स्प्रे: सीधे चेहरे पर नहीं

नोज़ल को त्वचा के पास रखें और भरपूर स्प्रे करें। स्प्रे कितना हुआ, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल है, इसलिए AAD सलाह देती है कि तब तक स्प्रे करें जब तक त्वचा चमकने न लगे। फिर हाथ से मलें, ताकि कोई जगह न छूटे और परत बराबर रहे। AAD यह भी बताती है कि 6 औंस की एक आम स्प्रे बोतल में छह बार लगाने जितना सनस्क्रीन होता है।
चेहरे के लिए पहले हथेलियों पर स्प्रे करें, फिर चेहरे पर लगाएँ। AAD कहती है कि स्प्रे सनस्क्रीन को साँस के साथ अंदर न लें और इसे चेहरे या मुँह के आसपास कभी स्प्रे न करें। हवा चल रही हो तो स्प्रे से बचें, क्योंकि इसे समान रूप से लगाना मुश्किल होता है और गलती से साँस के साथ अंदर जाने की आशंका ज़्यादा रहती है। एरोसोल रूप में सनस्क्रीन आग पकड़ सकता है, इसलिए AAD यह भी कहती है कि इसे गर्मी या खुली आग के पास, या सिगरेट पीते हुए कभी स्प्रे न करें। ग्रिल, मोमबत्ती या किसी भी आग के पास जाने से पहले पक्का कर लें कि सनस्क्रीन पूरी तरह मला जा चुका है और सूख गया है।
गर्म, पसीने वाले और बादलों वाले दिनों में दोबारा लगाना

AAD कहती है कि बाहर रहते हुए हर दो घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाएँ, और तैरने या पसीना आने के तुरंत बाद भी। उसके FAQ में यह भी जोड़ा गया है कि ऐसा बोतल पर लिखे निर्देशों के मुताबिक़ करें। गर्म और उमस भरे दिन में दो घंटे पूरे होने से पहले ही पसीना आ सकता है, इसलिए पसीना आने के तुरंत बाद वाली बात भी याद रखें। दोबारा लगाने से पहले साफ़ टिशू से पसीना और तेल दबाकर हटा लें।
लेबल पर वॉटर-रेज़िस्टेंट लिखा हो, तब भी दोबारा लगाना ज़रूरी है। AAD बताती है कि कुछ सनस्क्रीन वॉटर-रेज़िस्टेंट होते हैं, लेकिन कोई भी सनस्क्रीन वॉटरप्रूफ़ या स्वेटप्रूफ़ नहीं होता। वॉटर-रेज़िस्टेंट सनस्क्रीन को भी तैरने या पसीना आने के बाद दोबारा लगाना चाहिए। AAD यह भी कहती है कि SPF वाले मॉइस्चराइज़र और मेकअप प्रोडक्ट भी बाहर रहते हुए लगभग हर दो घंटे में दोबारा लगाने होते हैं।
बादलों वाले दिन भी यही बात लागू होती है। AAD का FAQ बताता है कि बादलों वाले दिन भी सूरज की हानिकारक UV किरणों का 80% तक हिस्सा बादलों के पार आ सकता है, और बाहर रहते हुए बादल हों तब भी लगभग हर दो घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगाना चाहिए। खिड़की के पास बैठने वालों के लिए भी एक बात है। AAD के मुताबिक़ UVA किरणें खिड़की के शीशे के पार जा सकती हैं, जबकि UVB किरणें शीशे से रुक जाती हैं।
HANARI रूटीन और सनस्क्रीन
HANARI सनस्क्रीन नहीं बनाता। हमारे तीन डेली प्रोडक्ट, Clean Start Gel Cleanser, Even Days Serum और Air-Fit Gel Cream, क्लेंज़र, सीरम और मॉइस्चराइज़र का एक रूटीन बनाते हैं, और सनस्क्रीन इनके बाद सुबह का एक अलग स्टेप है। सीरम या जेल क्रीम सनस्क्रीन की जगह नहीं लेते। यह रूटीन हमारे लेख उमस भरे गर्म दिनों के लिए तीन स्टेप का स्किनकेयर रूटीन में बताया गया है। तीनों प्रोडक्ट को दिसंबर 2026 में भारत में एक साथ लॉन्च करने की योजना है, और अभी इनमें से कोई भी बिक्री पर नहीं है।